Bollywood की बड़ी स्क्रीन पर बड़े प्रयोग: फिल्म प्रमोशन के अनोखे तरीके

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Bollywood में फिल्म प्रमोशन का खेल हमेशा से ही रोचक रहा है। हर फिल्म निर्माता अपनी फिल्म को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके आजमाता रहता है। पहले जहां फिल्मों का प्रचार सिर्फ टीवी और अखबारों के माध्यम से होता था, वहीं आज सोशल मीडिया ने इस खेल को पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन, कुछ एक्टर्स ने तो फिल्म प्रमोशन के लिए ऐसे-ऐसे तरीके अपनाए हैं कि लोग हैरान रह गए।

नींबू-मिर्ची से लेकर भिखारी बनने तक

आपने सुना होगा कि कुछ साल पहले बिपाशा बसु ने अपनी फिल्म ‘राज 3’ के प्रमोशन के लिए नींबू-मिर्ची बांटे थे। इस हॉरर फिल्म के प्रमोशन के लिए यह तरीका काफी अजीब तो लगा था, लेकिन लोगों का ध्यान तो खींचा ही। इसी तरह, विद्या बालन ने अपनी फिल्म ‘बॉबी जासूस’ के प्रमोशन के लिए हैदराबाद रेलवे स्टेशन पर भिखारी बनकर बैठी थीं। उनकी इस हरकत ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

अन्य अनोखे तरीके

इनके अलावा भी कई एक्टर्स ने फिल्म प्रमोशन के लिए बेहद अनोखे तरीके अपनाए हैं। कुछ ने तो अपनी फिल्मों के किरदारों में ही घुल-मिल गए। जैसे कि, एक एक्टर ने अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए पूरे शहर में घूम-घूमकर लोगों को अपनी फिल्म के गाने सुनाए थे। वहीं, एक एक्ट्रेस ने अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए एक सोशल मीडिया चैलेंज शुरू किया था, जिसमें लोगों को अपनी फिल्म से जुड़े वीडियो बनाकर शेयर करने के लिए कहा गया था।

क्यों अपनाते हैं एक्टर्स ये अनोखे तरीके?

आप सोच रहे होंगे कि आखिर एक्टर्स इतने अनोखे तरीके क्यों अपनाते हैं? इसका जवाब है- ध्यान खींचना। आज के दौर में इतनी सारी फिल्में रिलीज होती हैं कि दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में, एक्टर्स कुछ अलग करने की कोशिश करते हैं ताकि लोग उनकी फिल्म को याद रखें।

सोशल मीडिया का प्रभाव

सोशल मीडिया ने फिल्म प्रमोशन के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। आजकल, एक्टर्स अपनी फिल्मों का प्रमोशन सोशल मीडिया पर लाइव चैट, क्यू एंड ए सेशन और वीडियो के जरिए करते हैं। इससे दर्शकों के साथ सीधा जुड़ाव होता है और फिल्म के बारे में लोगों में उत्सुकता पैदा होती है।

क्या ये तरीके हमेशा कारगर होते हैं?

यह जरूरी नहीं है कि ये सभी तरीके हमेशा कारगर हों। कई बार, एक्टर्स के ये अनोखे तरीके लोगों को पसंद नहीं आते हैं और उन्हें ट्रोल भी किया जाता है। लेकिन, यह भी सच है कि इन तरीकों से फिल्मों को काफी ज्यादा प्रचार मिलता है।

निष्कर्ष

फिल्म प्रमोशन का खेल लगातार बदल रहा है। नए-नए तरीके आ रहे हैं और पुराने तरीके बदल रहे हैं। लेकिन, एक बात हमेशा सच रहेगी कि एक अच्छी फिल्म को अच्छे प्रमोशन की जरूरत होती है। और, आज के दौर में, फिल्म प्रमोशन के लिए रचनात्मक और अनोखे तरीकों की मांग है।

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